चैतन्य शर्मा

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मैं चैतन्य एक बहुत अच्छा बच्चा हूँ | मैं 9 साल का हूँ | मुझे ड्राइंग-कलरिंग करना बहुत पसंद है | मैं क्लास V में पढ़ता हूँ और माँ को कभी परेशान नहीं करता | मुझे डांस करना बेहद पसंद है | स्कूल में मुझे सब बहुत पसंद करते हैं | यह ब्लॉग 5 साल पहले मेरी माँ डॉ. मोनिका शर्मा ने बनाया था । अब मैं खुद अपने पोस्ट ब्लॉग पर शेयर करता हूँ । इस ब्लॉग पर मैं अपनी सारी बातें शेयर करूंगा |

Wednesday, June 8, 2011

एक खास ट्रिप ...!

हाल में विश्व पर्यावरण दिवस मनाया  गया | उस दिन छुट्टी थी इसलिए मुझे भी घूमने जाने का मौका मिला | अच्छी बात यह रही कि इस बार मुझे नदी, पहाड़, पेड़- पौधे देखकर और वहां खेलकर बहुत अच्छा लगा | सच में प्रकृति के करीब........  जिसकी हर चीज़ सुंदर है ...बस हम सहेज कर रखें तो.....!


मज़ा  आया इस उछल कूद में .....  

ऐसा झूला कम ही मिलता है यहाँ .......

मजेदार रही बोट की सवारी.......

हर तरफ सुंदर नज़ारे ......

बहती नदी के किनारे खेलना ...... बहुत अच्छा लगा 

पानी में पत्थर ....और छपाक 

मजेदार रहा मेरा ये ट्रिप.......आपको कैसा लगा...?

31 comments:

Vijai Mathur said...

बहुत अच्छा लगा तुम्हारा ट्रिप.ऐसे ही भ्रमण करते रहो.

Ram Shiv Murti Yadav said...

वाकई मजेदार है तुम्हारा ट्रिप, चैतन्य...आशीर्वाद और प्यार.

शिखा कौशिक said...

bahut sundar v manoram prakritik chitron se saji aap ki post bahut achchhi lagi .aap to best hain hi .

Chinmayee said...

बहुत सुन्दर ...लग रहा था की बस साथ आ जाऊ पानी में पत्थर डालने के लिए छपाक...छपाक....:)

शालिनी कौशिक said...

BAHUT ACHCHHE PHOTO HAIN CHAITANYA MUMMY SE KAHO KI PED KE BEECH ME AAPKO KRISHN JI KI DRESS ME EK PHOTO KHINCHVANA HAI.BILKUL VAHI LAGOGE AAP.

रावेंद्रकुमार रवि said...

प्रिय चैतन्य!
प्रकृति के प्रति तुम्हारा यह प्रेम हमेशा बना रहे!
इन शुभकामनाओं के साथ!

Maheshwari Kaneri said...

छुट्टियों में खूब मजे करो....बहुत अच्छा लगा तुम्हारा ट्रिप... शुभकामनाओं के साथ!

Kashvi Kaneri said...

हैलो चैतन्य!
मजे कर रहे हो ?....बहुत अच्छा ...ऐसे ही मस्ती करते रहो.

यशवन्त माथुर (Yashwant Mathur) said...

बहुत बढ़िया चैतन्य!
ऐसे ही खूब मजे करो.

प्रवीण पाण्डेय said...

बहुत ही अच्छा लगा, आनन्द आया।

यशवन्त माथुर (Yashwant Mathur) said...

आपका स्वागत है "नयी पुरानी हलचल" पर...यहाँ आपके ब्लॉग की कल होगी हलचल...
नयी-पुरानी हलचल

जाट देवता (संदीप पवाँर) said...

हाय चैतन्य बाबू
मुझे लगता है कि घूमने में मेरा रिकार्ड भी जल्द ही तोड तोगे,
लगे रहो ऐसे ही,

Roshi said...

beta aap hamko aise hi chitra bhejte rahe ....bahut sunder

रेखा said...

आपकी बातें और चित्र दोनों ही बहुत प्यारे लगे. पर आपने ये नहीं बताया की आप घूमने कहाँ गए थे

कुमार राधारमण said...

बच्चे स्वयं ही प्रकृतिस्वरूप होते हैं। न जाने हमारा बचपन कैसा था। कोई तस्वीर उपलब्ध नहीं है।

chirag said...

kash main bhi aisi trip ja saku...
and bhai smart lag rahe ho aap pics main....

some unspoken words said...

wow nice clicks.liked ur pics.maje karte raho

Manpreet Kaur said...

बहुत ही अच्छा ब्लॉग है आपका !Visit My Blog Plz...
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G.N.SHAW said...

चैतन्य बहुत ही सुन्दर ..अकेले गए थे क्या ? मछली वगैरह पकडे या नहीं ?

NEHA MATHEWS said...

चैतन्य बहुत अच्छा लगा आपका ट्रिप,आपके ब्लॉग पर आना हमेशा एक मुस्कान दे जाता है|

Patali-The-Village said...

आपकी बातें और चित्र दोनों ही बहुत प्यारे लगे|

Global Agrawal said...

प्रिय चैतन्य,
बहुत बहुत अच्छा लगा ...सच्ची :)
सस्नेह
गौरव भैया

गौरव शर्मा "भारतीय" said...

चैतन्य जी कैसे हैं आप...
आपकी फोटो बड़ी प्यारी लग रही है जैसे आप प्यारे लगते हैं...अच्छी तस्वीरें दिखने के लिए धन्यवाद !!

डॉ. नागेश पांडेय "संजय" said...

तुम्हारे जैसी ही प्यारी है तुम्हारी प्रस्तुति .

.बहुत सुंदर . मेरी शुभकामनाएँ चूहेमल का देखो खेल

ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ (Zakir Ali 'Rajnish') said...

छुटटी के बहाने, खूब मस्‍ती हुई।
---------
सलमान से भी गये गुजरे...
नदी : एक चिंतन यात्रा।

Dr (Miss) Sharad Singh said...

तो खूब मस्ती की चैतन्य ... करनी भी चाहिए छुट्टियां रोज-रोज थोड़े ही मिलती हैं.
मेरी शुभकामनाएँ...

सुधाकल्प said...

प्रिय चैतन्य
तुम हमें मिले,हम तुम्हें मिले,बहुत कुछ पाया । प्रकृति के सुन्दर रंग तुम्हारे चेहरे पर बिखरे हुए देखकर बहुत खुशी हुई। तुम्हें किस तरह की कहानी अच्छी लगती है जरा हमको बताना। बच्चों की सलाह का मुझे हमेशा इंतजार रहता है।
सुधा भार्गव

Babli said...

बहुत सुन्दर चित्र! खूब आनंद किया चित्र देखकर ही पता चल रहा है!

Surendra shukla" Bhramar"5 said...

सुन्दर प्राकृतिक चित्रण क्या खूब नज़ारे पेड़ पर चढ़े जा रहे मछली पकड़ने बढे जा रहे अब और आगे नहीं -मजा आ गया आप का स्लाइड शो तो और मजा
शुक्ल भ्रमर ५

चैतन्य शर्मा said...

Ap sabke pyare comments ke liye Thanks...

abhi said...

यार तीसरी फोटो में क्या स्टाइल है...एकदम सही, अभी से ही मोडलिंग...वाह :)

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