चैतन्य शर्मा

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मैं चैतन्य एक बहुत अच्छा बच्चा हूँ | मैं 9 साल का हूँ | मुझे ड्राइंग-कलरिंग करना बहुत पसंद है | मैं क्लास V में पढ़ता हूँ और माँ को कभी परेशान नहीं करता | मुझे डांस करना बेहद पसंद है | स्कूल में मुझे सब बहुत पसंद करते हैं | यह ब्लॉग 5 साल पहले मेरी माँ डॉ. मोनिका शर्मा ने बनाया था । अब मैं खुद अपने पोस्ट ब्लॉग पर शेयर करता हूँ । इस ब्लॉग पर मैं अपनी सारी बातें शेयर करूंगा |

Monday, October 4, 2010

मेरी किताबें.....!
















किताबें हमारी सबसे अच्छी दोस्त होती हैं |  आजकल मैं कई तरह की किताबें पढ़ रहा हूँ | मेरी किताबें बहुत ही सुंदर और कलरफुल हैं | मैं लाइब्रेरी से भी किताबें लाता हूँ | आपको पता यह किताबों का एक बड़ा सा घर है जहाँ बहुत सारी किताबे रहती हैं |  कई लोग वहां बैठकर पढाई करते हैं और कई लोग किताबें घर लेकर जाते हैं | लाइब्रेरी में बिल्कुल भी शोर नहीं करते..... ऐसा मुझे माँ पापा ने समझाया है |  आज मैं भी लाइब्रेरी जा रहा हूँ...... अपने लिए किताबें लेने .......!

ये है मेरी लाइब्रेरी......


यहाँ तो बहुत किताबें है...... कहाँ से शुरू करूँ....?


कई  लोग सीरियस होकर पढ़ रहे हैं... मैं भी कोशिश करता हूँ.. !


हमम्म्म्म.....अब नज़र आ रहीं हैं मेरी पसंद की बुक्स.....!

मुझे ट्रेक्टर वाली बुक चाहिए........ ले लूँ .....?


कुछ और भी किताबें ढूंढता हूँ......आराम से बैठकर.....

अरे..... नहीं नहीं.... आराम से बैठना तो ऐसे होता है......!



यह दोनों अच्छी रहेंगी...... मज़ा आएगा पढ़ने में.....!


मैंने अपनी किताबें  सिलेक्ट कर ली हैं......


बास्केट भारी लग रही है....ज्यादा बुक्स तो नहीं ले लीं ? 


इतनी बुक्स ले तो लीं..... अब पढ़ना भी पड़ेगा......!
रंग बिरंगी प्यारी किताबें
देखो कितनी सारी किताबें

पतली लम्बी मोटी किताबें
 बड़ी अनमोल हैं छोटी किताबें

इनमें भरी हैं अच्छी बातें
हंसने रोने की सौगातें

कहीं कहानी कहीं कविता
कोई पन्ना ना है रीता

पुस्तकालय जब भी जाओ
इन मेहमानों को घर लाओ

अच्छी दोस्त, सच्ची साथी
किताबें जीवन को समझातीं
ये कविता मेरी माँ ने लिखी है........मुझे बहुत पसंद आई......!

22 comments:

रानीविशाल said...

यह तो एक दम सही बात कही भैया .....किताबे हमारी सबसे अच्छी साथी है . इतना ज्ञान भी देती है .
आंटी ने बहुत प्यारी कविता लिखी है मुझे भी पसंद आई :)
नन्ही ब्लॉगर
अनुष्का

Akshita (Pakhi) said...

किताबों से अच्छा कुछ भी नहीं. मैं भी ढेर सारी किताबें पढ़ती हूँ और कविता तो प्यारी लगी.
___________________
'पाखी की दुनिया' में टेस्टी-टेस्टी केले

रावेंद्रकुमार रवि said...

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वाह, दोस्त, वाह!
जीवन में कभी भी असफल नहीं हो पाओगे!
--
माँ ने कविता भी बहुत अच्छी रची है!

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चैतन्य शर्मा said...

@ अनुष्का @ पाखी हाँ ... सही बात कही... किताबों से अच्छा कुछ नहीं....

कविता के लिए थैंक्स..... माँ की ओर से.....

उन्मुक्त said...

किताबें तो सबसे अच्छी दोस्त होती हैं। पढ़ते चलो।

चैतन्य शर्मा said...

@ Unmukt @Ravi uncle.... thank you very much....

ZEAL said...

Hi Chaitanya,

lovely collection of books and pics.

Love and Best wishes.

ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ said...

अल्ले, किन्नी छाली किताबें, मजा आ गया।

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) said...

किताबे ही सच्ची दोस्त होती हैं!!
--
आपकी इस पोस्ट की चर्चा
बाल चर्चा मंच पर भी की गई है!
http://mayankkhatima.blogspot.com/2010/10/21.html

यशवन्त माथुर said...

अच्छा बच्चू तो तुम किताबें पढ़ते हो.बहुत अच्छा लगा.
God Bless you!

आप सभी को हम सब की ओर से नवरात्र की ढेर सारी शुभ कामनाएं.

चैतन्य शर्मा said...

@ Zeal thanks for visiting my blog...

@ जाकिर अंकल .... हाँ मुझे भी इतनी सारी किताबें देखकर बड़ा मज़ा आया

@ मयंक अंकल....आपका बहुत बहुत धन्यवाद...

मेरी इस पोस्ट की चर्चा बाल चर्चा मंच पर करने के आभार

Vijai Mathur said...

Chaitanya,
vastav me tum nam ke mutabik hi chaitanya ho tabhi to kitabon ke shaukin ho.Bahut achchi bat aur aadat hai.tumharey liye tumhari mummy ne jo kavita likhi hai woh aur bachchon ke bhi kam aayegi,yah sadpryas hai.

हेमंत कुमार ♠ Hemant Kumar said...

Bahut sundar Chaitanya,
Kitabon ke sath bahut achchha samay bitata hai---ye hamari sanse achchhi dost bhi hain.
apki tasveeren bhi bahut sundar hain.
Hemant

चैतन्य शर्मा said...

@ Hemant uncle
@Vijay uncle
@ yashwant bhaiya

ap sabka dhanywad mere blog par aane aur mujhe protsahan dene ke liye.....

Gagan Sharma, Kuchh Alag sa said...

स्नेहाशीष।
पहले तो तुम्हें और सारे परिवार को इन मंगलमय दिनों की शुभकामनाएं।
दूसरी बात उम्र में फर्क होने के बावजूद हम तुम दोस्त हुए। वैसे भी दोस्ती में ऊंच-नीच, अमीरी-गरीबी, उम्र वगैरह नहीं देखी जाती।
तो..... तुम्हारा "घर" है जब चाहे आओ-जाओ।

संजय भास्कर said...

Bahut sundar Chaitanya,

PD said...

तुम बहुत प्यारे हो चैतन्य बेटे.. :)

दीनदयाल शर्मा said...

Hellow chetanya, kaise ho ? aapko kitaben acchi lgti hai..ye jaan kar bahut accha lga...log aajkal padhe hi nhin hain..ham padhenge to aage badhenge..meri hardik shubhkamnayen...

चैतन्य शर्मा said...

@ gagan uncle
@ PD uncle
@ sanjay bhaiya
@ deendayal uncle... thank you... aap sab mere blog par aaye...

डॉ.भूपेन्द्र कुमार सिंह said...

Pyarey Chaitanya ko meri or sey hardik shubhkamnaye aur asheesh,
Khoob padho ,aagey badho yahi hum sabhi ki iksha hai pyarey Chaitanya.
dr.bhoopendra singh

डॉ.भूपेन्द्र कुमार सिंह said...

aaj fir tumhari kitabey dekhi mere Chatanya,laga mujheybhi Chaitanya hone ka man ho aaya /khoob padho ,khoob likho ,mere aasheesh/
pyar sahit,
dr.bhoopendra
rewa
mp

निशांत said...

chaitanya akshay tritya ki subhkaamnayen

pushtak hi sacche dost hote hain ,,
god bless u..

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