चैतन्य शर्मा

My photo
मैं चैतन्य एक बहुत अच्छा बच्चा हूँ | मैं 12 साल का हूँ | मुझे ड्राइंग-कलरिंग करना बहुत पसंद है | मैं क्लास VIII में पढ़ता हूँ और माँ को कभी परेशान नहीं करता | मुझे डांस करना बेहद पसंद है | स्कूल में मुझे सब बहुत पसंद करते हैं | यह ब्लॉग 10 साल पहले मेरी माँ डॉ. मोनिका शर्मा ने बनाया था । अब मैं खुद अपने पोस्ट ब्लॉग पर शेयर करता हूँ । इस ब्लॉग पर मैं अपनी सारी बातें शेयर करूंगा |

Thursday, March 24, 2011

साफ़ बात अपनी बतलादो.....!



सब हमारे साथ हैं..........

मेरी ममा के ब्लॉग पर कहाँ मैं खेलूं चहकूं गाऊं.................?  कविता  में  हम  बच्चों  की  कई  सारी  बातें  हुई  |  इस कविता में हमारे कई सारे  सवाल  शामिल थे | मुझे इस बात की ख़ुशी है सभी ने हम बच्चों का साथ दिया है |  सभी की  टिप्पणियां बड़ी प्यारी हैं  और हम सब बच्चों की परेशानी को समझने की बात बताती है |

हमारे ऊपर बात-बात  में जो बंदिशें लगती हैं या जो रोक-टोक होती है उसी  को  लेकर मेरे गीत  ब्लॉग  वाले  सतीश अंकल  ने  बड़ी  प्यारी  राह  सुझाई  है ............  मेरे सभी नन्हे और बड़े दोस्तो मुझे तो यह बहुत पसंद आई है.....  आप भी पढ़िए  .......


तुमको राह सुझाता हूँ, मैं
पते की बात बताता हूँ मैं
अगर बात न मानी जाये
साफ़ बात अपनी बतलादो

शोर मचाएं जोर जोर से
टोका टाकी कुछ न होगी
घर के हर डिब्बे बर्तन में
चाकलेट रखनी ही होगी

पानी में छप छप करने
की , भी पूरी आजादी होगी
भालू बन्दर और पिल्लों को
घर में सब आज़ादी होगी !

मांग हमारी, पूरी कर दो !
साफ़ साफ़ बतलाता हूँ मैं
अगर नहीं माने तो सुन लो
कल से पुच्ची नहीं मिलेगी

है न मजेदार ...थैंक यू सतीश अंकल ...... :)

28 comments:

केवल राम said...

मांग हमारी, पूरी कर दो !
साफ़ साफ़ बतलाता हूँ मैं
अगर नहीं माने तो सुन लो
कल से पुच्ची नहीं मिलेगी

अच्छा तरीका खोज निकला है ....बहुत अच्छे ..आपको भी पूरा हक है अपनी आजादी में रहने का ..बालपन है तो क्या हुआ ...बहुत खूब ..

प्रवीण पाण्डेय said...

बहुत खूब चैतन्य महाराज।

सतीश सक्सेना said...
This comment has been removed by the author.
सतीश सक्सेना said...
This comment has been removed by the author.
Satish Saxena said...

बच्चे यकीनन हमसे अधिक स्नेही होते हैं, उनकी मासूम भाषा और इच्छाएं अक्सर अच्छा, बुरा, हानि, लाभ का हिसाब लगाते हम बड़ों की समझ नहीं आती ! यह भी सच है कि जितना समय बच्चों को मिलना चाहिए हम उन्हें नहीं दे पाते ! यह वाकई इन मासूमों के प्रति अन्याय है ! खैर...

यह टिप्पणी त्वरित लिखी गयी थी सो अशुद्धियों के होते हुए भी आपने पोस्ट का मान दिया, सो यह अमर हो गयी उम्मीद है बच्चों को पसंद आएगी !

Patali-The-Village said...

बहुत सुन्दर कविता धन्यवाद|

vijai Rajbali Mathur said...

उत्तम कविता सुन्दर भाव और बच्चों के प्रति अनुराग रखने की कामना सराहनीय एवं अनुकरणीय है.

G.N.SHAW said...

चैतन्य ...बहुत ही चालाक हो ... तुम्हे सब कुछ मालूम है फिर भी हमसे पूछ बैठते हो ! बहुत सुन्दर

Smart Indian said...

ये तो कुछ ज़्यादा ही हो गया। इतना कंसेशन नहीं हो पायेगा, खासकर चौकलेट के मामले में।

यशवन्त माथुर (Yashwant Raj Bali Mathur) said...

वाकई दोस्त! बहुत मजेदार!

दर्शन कौर धनोय said...

Kya bleck meling haae pyaare!

Kailash Sharma said...

बहुत सुन्दर तरीका बताया है...आज़मा कर देखो

सुरेन्द्र सिंह " झंझट " said...

बहुत सुन्दर भैया !

मदन शर्मा said...

बहुत खूब चैतन्य महाराज

प्रतुल वशिष्ठ said...
This comment has been removed by the author.
प्रतुल वशिष्ठ said...

अरे, आपको अब पसंद आयी, हमने तो इसे पहले ही पढ़ लिया थाSS.... और इसका मज़ा सबसे पहले लिया थाSS...
सतीश जी, इस बाल-कविता पर हमारी बधाई स्वीकार करें :
"अगर नहीं माने तो सुन लो
कल से पुच्ची नहीं मिलेगी"
— वात्सल्यमयी इस धमकी ने मज़ा बाँध दिया.

राज भाटिय़ा said...

बहुत सुंदर बात , अंकल को धन्यवाद कही जो, हमारा प्यार चैतन्य बाबा को

Shikha Kaushik said...

bahut achchhi kavita likhi hai sateesh ji ne aap sabke liye.bahut sundar ..

abhi said...

चैतन्य....हम तुम्हारे साथ हैं...हम तुम्हारे साथ हैं....सतीश अंकल की बात हम भी दोहराएंगे - घर के हर डिब्बे बर्तन में
चाकलेट रखनी ही होगी :) :)

डॉ. मोनिका शर्मा said...
This comment has been removed by the author.
डॉ. मोनिका शर्मा said...

Sateesh ji aapka hardik aabhar Chaitnaya ke liye likhi in pyari panktiyon ke liye.....

Ap sab ki Tippaniyon ke liye bhi abhari hun.... Chaitanya par apna sneh yoon hi banye rakhen....

Chinmayee said...

मांग हमारी, पूरी कर दो, पूरी कर दो, पूरी कर दो !

अशोक सलूजा said...

चेतन्य प्रभु,
मुझे जन्म दिन की मुबारक देने पर !
नानू की तरफ से पुची और बहुत-बहुत प्यार !
सदा ऐसे ही हँसते और खिलखिलाते रहो |

आशीर्वाद !
अशोक सलूजा !

Sawai Singh Rajpurohit said...

बहुत सुन्दर

Anonymous said...

bahut achhe.kya aap abhi itne hi chhote hai?? mere paas aapki taareef k liye shabd nahi hai..

Mukta Dutt said...

बहुत प्यारी..:)

Saba Akbar said...

बहुत खूब :)

Surendra shukla" Bhramar"5 said...

अगर नहीं माने तो सुन लो
कल से पुच्ची नहीं मिलेगी
प्रिय चैतन्य प्रभु आप मम्मा के साथ हम सब बच्चों के दुलारे हो बहुत खूब बच्चों के मन का बखान उनकी मांगे खुबसूरत
सुरेन्द्र कुमार शुक्ल भ्रमर५
प्रतापगढ़ उ.प्र

Post a Comment