चैतन्य शर्मा

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मैं चैतन्य एक बहुत अच्छा बच्चा हूँ | मैं 12 साल का हूँ | मुझे ड्राइंग-कलरिंग करना बहुत पसंद है | मैं क्लास VIII में पढ़ता हूँ और माँ को कभी परेशान नहीं करता | मुझे डांस करना बेहद पसंद है | स्कूल में मुझे सब बहुत पसंद करते हैं | यह ब्लॉग 10 साल पहले मेरी माँ डॉ. मोनिका शर्मा ने बनाया था । अब मैं खुद अपने पोस्ट ब्लॉग पर शेयर करता हूँ । इस ब्लॉग पर मैं अपनी सारी बातें शेयर करूंगा |

Tuesday, January 22, 2013

नेताजी सुभाष का बचपन

मेरी ड्राइंग - राष्ट्रभक्त नेताजी
'तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आज़ादी दूंगा'  का नारा देने वाले नेताजी सुभाष चन्द्र बोस ने देश के लिए अपने प्राण तक न्योछावर कर दिए | उन्हें एक महान स्वतंत्रता सेनानी और भारत माँ के सच्चे सपूत के रूप में हमेशा याद किया जाता है और किया जाता रहेगा |  राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी ने भी उन्हें 'देशभक्तों का देशभक्त' कहा |  क्या आप सब जानते हैं नेताजी सुभाष बचपन से ही देशभक्ति और सामाजिक उत्थान की सोच रखते थे | राष्ट्रप्रेम, स्वाभिमान और साहस की भाव उनके व्यक्तित्व में बचपन से थे | 

नेताजी बचपन से दयालु और सेवाभावी थे। राष्ट्रप्रेम तो उनके मन कूट- कूट कर भरा था। अपने देशवासियों के प्रति भी उनके मन में  बहुत स्नेह था। वे आम बच्चों से  कुछ अलग ही थे |  मात्र पांच वर्ष की आयु से ही वे सोच विचार करने लगे थे। उनका बाल मन यह जानने समझने लगा था कि अंग्रेज भारतवासियों पर अन्याय करते हैं , उन्हें हीन समझते हैं।  
जब सुभाष चंद्र बोस छोटे थे तब उनका मन किसी को दुखी देखकर बहुत व्यथित हो जाता था। एक बार अपने घर के सामने रहने वाली बूढी भिखारिन की दयनीय स्थिति देखकर नेताजी को बहुत  दुख हुआ। उसे दो वक्त की रोटी भी नहीं मिल पाती यह देखकर उन्होंने उसकी मदद करने की ठानी । तब उन्हें तीन किलोमीटर दूर कॉलेज जाना होता था। ऐसे में उसकी सहायता के लिए किराये के पैसे उसे देकर वे पैदल ही कॉलेज जाने लगे। 

जब नेताजी स्कूल जाते थे तब घर से मिलने वाले खाने को स्कूल के पास रहने वाली एक गरीब बूढी महिला से साझा करते थे। वे रोज अपना आधा खाना उस जरूरतमंद बुढिया को दे दिया करते थे। एक बार उसके बीमार होने पर नेताजी ने दस  दिन तक उसकी सेवा भी की। इस देखभाल के चलते वे फिर से स्वस्थ हो गईं। 

जब वे दसवीं कक्षा में थे । एक समाचार पत्र में पढा कि जाजपुर नाम के गांव में हैजा फैला हुआ है। उसी समय राहत दल के साथ वे  हैजे से पीड़ित लोगों की देखभाल के लिए जाजपुर चले गए। घर के लोगों  के नाराज़ होने पर उन्होंने अपने देशवासियों की सेवा को अपनी जिम्मेदारी बताया। 

सहृदय और सद्गुणों से भरे बचपन वाले नेताजी ने बड़े होकर एक राष्ट्रभक्त  और स्वतंत्रता सेनानी के रूप में  इस देश का गौरव बढाया | उनका स्थान  हर भारतवासी के ह्रदय में हमेशा बना रहेगा | 

 नेताजी को शत शत नमन......

18 comments:

Arun sathi said...

bahut satik

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक' said...

सुन्दर प्रस्तुति!
वरिष्ठ गणतन्त्रदिवस की अग्रिम शुभकामनाएँ और नेता जी सुभाष को नमन!

वाणी गीत said...

ड्राइंग भी बहुत अच्छी लगी!

about dharma said...

बहुत खूब

ashish said...

बहुत सुन्दर चित्र और आलेख

रविकर said...

सादर नमन -
शुभकामनायें-

Unknown said...

सुंदर प्रस्तुती और नेता जी सुभाष को नमन ...
आपकी ड्रांइग अच्छी हैँ ।

यशवन्त माथुर (Yashwant Raj Bali Mathur) said...

ड्राइंग भी अच्छी और नेता जी के बारे में जानकारी भी बहुत अच्छी है।

rajiv said...

very nice

शिवम् मिश्रा said...

जय हो ... तुम्हारी जय हो चैतन्य !!

नेता जी सुभाष चन्द्र बोस को शत शत नमन !

वो जो स्वयं विलुप्तता मे चला गया - ब्लॉग बुलेटिन नेता जी सुभाष चन्द्र बोस को समर्पित आज की ब्लॉग बुलेटिन मे आपकी पोस्ट को भी शामिल किया गया है ... सादर आभार !

Shikha Kaushik said...

सुन्दर व् सार्थक प्रस्तुति . हार्दिक आभार हम हिंदी चिट्ठाकार हैं

मेरा मन पंछी सा said...

बहुत सुन्दर चित्र...
बढ़ियाँ जानकारी...
:-)

G.N.SHAW said...

बहुत ही सुन्दर यादगार | आप के ब्लॉग का नाम चैतान्यका कोना न कर चैतान्यदर्शन अच्छा रहेगा | कल दुःख तो तब हुआ जब भारतीय लोलुप टीवी चैनलों ने नेता जी को याद करना भी वाजिब नहीं समझा |सदैव लिखते रहे और हम पढ़ते रहें | एक बार फिर से बहुत बहुत बधाई चैतन्य |

संजय भास्‍कर said...

नेता जी को नमन .

Asha Joglekar said...

चैतन्य,बहुत सुंदर लेख- नेताजी का बचपन । अपने दोस्तों को भी सुनाना और पढाना । तुम्हारा बहुत अभिनन्दन ।

प्रवीण पाण्डेय said...

बहुत सुन्दर चित्र..

Saras said...

अरे वाह चैतन्य ...आप तो बहुत स्मार्ट हैं...इतना सुन्दर चित्र पेंट किया ...रंग ज़रासा भी बहार नहीं निकला ...वैरी गुड ...!

abhi said...

अरे वाह चैतन्य...बहुत अच्छा :)

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