चैतन्य शर्मा

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मैं चैतन्य एक बहुत अच्छा बच्चा हूँ | मैं 9 साल का हूँ | मुझे ड्राइंग-कलरिंग करना बहुत पसंद है | मैं क्लास V में पढ़ता हूँ और माँ को कभी परेशान नहीं करता | मुझे डांस करना बेहद पसंद है | स्कूल में मुझे सब बहुत पसंद करते हैं | यह ब्लॉग 5 साल पहले मेरी माँ डॉ. मोनिका शर्मा ने बनाया था । अब मैं खुद अपने पोस्ट ब्लॉग पर शेयर करता हूँ । इस ब्लॉग पर मैं अपनी सारी बातें शेयर करूंगा |

Monday, July 21, 2014

नन्हे पौधे जो बड़े पेड़ बनेंगें :)

आजकल मैं अपने  कैमरे से उन नन्हे पौधों को क्लिक कर रहा हूँ जो बड़े होकर पेड़ बनेंगें । साथ ही हैरान भी हूँ कि इतने बड़े पेड़ कभी इतने छोटे भी होते हैं । Some Clicks by me: )

 गुलमोहर 

पीपल 

आम 

14 comments:

संध्या शर्मा said...

हम्म जैसे आप अभी नन्हे से हो और ढीरे-धीरे बड़े हो जाओगे वैसे ही ये पेड़ भी बड़े हो जाएंगे … सहेजो इन्हे … खूब बड़े हो जाओ

vibha rani Shrivastava said...

अच्छा है कि इन्हें बड़े होते देखोगे ..... इनके बहुत महत्व होते हैं समझ रहे हो ये और भी अच्छी बात है

हिमकर श्याम said...

बहुत खूब, बहुत सुंदर तस्वीरें ली है आपने...मंगलकामनाएँ
आज के यह नन्हे पौधे कल तक बीज थे और आनेवाले कल में विशाल वृक्ष बन जाएंगे. यही जीवन है.

निवेदिता श्रीवास्तव said...

best wishes :)

Upasna Siag said...

nanhe se poudhon ke sath tum bhi ek din bade ho jaoge .....sundar -sundar photograh ,,

रूपचन्द्र शास्त्री मयंक said...

बहुत सुन्दर प्रस्तुति।
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आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा कल बुधवार (23-07-2014) को "सहने लायक ही दूरी दे" {चर्चामंच - 1683} पर भी होगी।
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हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
सादर...!
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

ताऊ रामपुरिया said...

यही नियम सभी के साथ लागू होता है, सुंदर सोच है, शुभकामनाएं.

रामराम.

arvind mishra said...

वाह पूत के पाँव पालने में -चैतन्य वैज्ञानिक बनेगा और राष्ट्र का नाम रोशन करेगा

HARSHVARDHAN said...

आपकी इस पोस्ट को ब्लॉग बुलेटिन की आज कि बुलेटिन राष्ट्रीय झण्डा अंगीकरण दिवस, मुकेश और ब्लॉग बुलेटिन में शामिल किया गया है। कृपया एक बार आकर हमारा मान ज़रूर बढ़ाएं,,, सादर .... आभार।।

महेश कुशवंश said...

वाह ॥ चैतन्य बेहतरीन फोटो खीचे। अब बस इन्हें सींचो और बढ़ते हुये देखो ।आशीर्वाद

Smart Indian said...

ज़रूर बनेंगे, थोड़ा पानी, थोड़ी हवा और थोड़ा सा सूरज ही तो चाहिए न

सदा said...

बेहतरीन चित्र एवं प्रस्‍तुति
शुभकामनाएं

संजय भास्‍कर said...

वाह बेहतरीन

PRAN CHADHA said...

मम्मी जैसा चाहती है,चैतन्य तुम वैसा ही बनाना,
फिर तुम जैसा चाहोगे,, जमाना वैसा ही बनेगा ..

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