चैतन्य शर्मा

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मैं चैतन्य एक बहुत अच्छा बच्चा हूँ | मैं 12 साल का हूँ | मुझे ड्राइंग-कलरिंग करना बहुत पसंद है | मैं क्लास VIII में पढ़ता हूँ और माँ को कभी परेशान नहीं करता | मुझे डांस करना बेहद पसंद है | स्कूल में मुझे सब बहुत पसंद करते हैं | यह ब्लॉग 10 साल पहले मेरी माँ डॉ. मोनिका शर्मा ने बनाया था । अब मैं खुद अपने पोस्ट ब्लॉग पर शेयर करता हूँ । इस ब्लॉग पर मैं अपनी सारी बातें शेयर करूंगा |

Saturday, May 10, 2014

माँ की गोद...माँ का प्यार

 मेरे ब्लॉग पर आज जनसत्ता अख़बार में प्रकाशित माँ की लिखी ये प्यारी सी कवितायेँ  । दुनिया की हर माँ को ढेर सारा प्यार … :) हैप्पी मदर्स डे 

19 comments:

Mohd. Arshad Khan said...

बहुत खूब

Basant Khileri said...

आपकि बहुत अच्छी सोच है, और बहुत हि अच्छी जानकारी।
जरुर पधारे HCT- पर नई प्रस्तुती- स्मार्टफोन का बैटरी बेकअप बढाने के लिए कुछ टिप्स

Ranjana verma said...

बहुत प्यारी रचना .... आपको भी बहुत बहुत प्यार ....!!

Rakesh Kumar said...

बहुत ही प्यारी प्यारी कवितायें हैं.
आपको बहुत बहुत बधाई चैतन्य कि
आपको इतनी अच्छी और सच्ची माँ मिली हैं.

ढेरों प्यार

Himkar Shyam said...

सुन्दर रचना। माँ से बढ़कर कुछ नहीं। मातृदिवस की हार्दिक शुभकामनाएं! चैतन्य को बहुत-बहुत प्यार, सदा खुश रहें।

Surendra shukla" Bhramar"5 said...

बहुत प्यारी रचना ...माँ का प्रेम तो अनमोल है
भ्रमर ५

Shalini kaushik said...

VERY NICE CHAITANYA .HAPPY MOTHER'S DAY .

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक' said...

बहुत सुन्दर प्रस्तुति।
--
आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा आज सोमवार (12-05-2014) को ""पोस्टों के लिंक और टीका" (चर्चा मंच 1610) पर भी है।
--
हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
सादर...!
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

कालीपद "प्रसाद" said...

बहुत सुन्दर रचना !
बेटी बन गई बहू

सुशील कुमार जोशी said...

बहुत सुंदर :)

Suman said...

लोरी सुनते-सुनते माँ की गोद मे
सिमट कर सो जाना
मीठे-मीठे सपनों मे
रातभर खो जाना
माँ के स्नेह का
नहीं होता कोइ मोल
वो है दुनिया मे
सबसे अनमोल,
माँ का स्पर्श ही
पुलकित कर देता है
मन तो उसके स्नेह
से ही भरता है …
प्यारी पोस्ट है आपकी दोस्त
यह कुछ पंक्तियाँ आपके साथ :)

virendra sharma said...

अनुभूतियों का सागर उड़ेल दिया बाल गीत ने। माँ की गॉद ता -उम्र साथ चलती है एक तलाश की तरह पत्नी की गोद में भी वैसा ही दुलार ढूंढता है मन ,वैसी ही रसोई।

दिगम्बर नासवा said...

बहुत प्यारी रचना ... माँ को ऐसी ही प्यार करते रहो ...

Anju (Anu) Chaudhary said...

बहुत खूब

प्रसन्नवदन चतुर्वेदी 'अनघ' PBChaturvedi said...

लाजवाब रचना...बहुत बहुत बधाई...
नयी पोस्ट@आप की जब थी जरुरत आपने धोखा दिया

संध्या शर्मा said...

हुत सुन्दर रचना... माँ है तो सब कुछ है. तुम्हे भी ढेर सार प्यार, खूब खुश रहो .

Asha Joglekar said...

बहुत प्यारी रचनाएँ। चैतन्य को बधाई। माँ सम कौन जगत में प्यारा।

ताऊ रामपुरिया said...

बहुत ही खूबसूरत रचना पोस्ट की, हैप्पी मदर्स डे दोस्त.

रामराम.

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक' said...

खुश रहो चैतन्य बेटा।
प्रगतिशील रहो।
चिरायु होओ।

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