चैतन्य शर्मा

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मैं चैतन्य एक बहुत अच्छा बच्चा हूँ | मैं 12 साल का हूँ | मुझे ड्राइंग-कलरिंग करना बहुत पसंद है | मैं क्लास VIII में पढ़ता हूँ और माँ को कभी परेशान नहीं करता | मुझे डांस करना बेहद पसंद है | स्कूल में मुझे सब बहुत पसंद करते हैं | यह ब्लॉग 10 साल पहले मेरी माँ डॉ. मोनिका शर्मा ने बनाया था । अब मैं खुद अपने पोस्ट ब्लॉग पर शेयर करता हूँ । इस ब्लॉग पर मैं अपनी सारी बातें शेयर करूंगा |

Sunday, July 3, 2011

उठो,जागो और लक्ष्य की प्राप्ति तक मत रुको !


उठो, जागो व लक्ष्य को प्राप्त होने तक न ठहरो .....! यह विचार देकर पूरे विश्व के लाखों करोड़ों लोगों के प्रेरणास्रोत बने स्वामी विवेकानंद की आज पुण्यतिथि है | सात समुन्दर पार बरसों पहले  शिकागो में दिया उनका भाषण पूरी दुनिया कभी नहीं भुला पायेगी | उन्होंने हम सभी से दृढ निश्चयी और कर्मशील बनने की बात कही .... अच्छा भारतीय और अच्छा इन्सान बनने की प्रेरणा दी .... उन्होंने कहा ....

 "हमारी नैतिक प्रकृति जितनी उन्नत होती है, उतना ही उच्च हमारा प्रत्यक्ष अनुभव होता है, और उतनी ही हमारी इच्छा शक्ति अधिक बलवती होती है।"


उनका हर विचार इसी बात  से जुड़ा था कि हम सबको भारतीय होने का गर्व होना चाहिए ...  है न बहुत सुंदर और प्यारा विचार ....हमारे राष्ट्र गौरव स्वामी विवेकानंद को हार्दिक श्रृद्धांजलि ..नमन 

22 comments:

शिखा कौशिक said...

chaitanya bahut prernaspad post .badhai.

Shalini kaushik said...

aap jaise pyare bachche se aisee hi shikshaprad post ki ummmid thi.aabhar

Dr. Zakir Ali Rajnish said...

प्रेरणाप्रद विचार।

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तांत्रिक शल्‍य चिकित्‍सा!
…ये ब्‍लॉगिंग की ताकत है...।

Anonymous said...

nice one chaitanaya
iam a follower of swami ji

Urmi said...

Wonderful and inspiring post.
You are welcome at my new post-
http://urmi-z-unique.blogspot.com/
http://amazing-shot.blogspot.com/

Sapna Nigam ( mitanigoth.blogspot.com ) said...

1-जो व्यक्ति प्रयासरत रहता है उस व्यक्ति से बेहतर है जो प्रयत्न ही नहीं करता.2-केवल वे ही जीवित हैं जो दूसरों के लिये जीते हैं,बाकी सभी जीवित होने के बजाय मृत समान हैं.3-बोलने में ही अपनी शक्ति न गँवायें,शांत रह कर मनन करना भी सीखें.4-उठो,जागो क्योंकि आराम करना तुम्हारी नियति नहीं है.(स्वामी विवेकानंद)भाव-भीनी श्रद्धंजलि

यशवन्त माथुर (Yashwant Raj Bali Mathur) said...

स्वामी विवेकानंद के विचारों की सार्थकता कभी खत्म नहीं होगी.
बहुत बढ़िया चैतन्य!

यशवन्त माथुर (Yashwant Raj Bali Mathur) said...

कल 05/07/2011 को आपकी एक पोस्ट नयी-पुरानी हलचल पर लिंक की जा रही हैं.आपके सुझावों का स्वागत है .
धन्यवाद!

प्रवीण पाण्डेय said...

यह वाक्य सतत प्रेरणादायी है।

दिगम्बर नासवा said...

प्रेरणा देती हैं ये पंक्तियाँ ...

vijai Rajbali Mathur said...

आपने स्वामी विवेकानंद जी को स्मरण किया धन्यवाद.कृपया उनके आदर्शों को अपनाने का प्रयत्न करें.और आप भी महान बनें हम यही कामना करते हैं.

दीनदयाल शर्मा said...

स्वामी विवेकानंद के विचारों की सार्थकता ...
कभी खत्म नहीं होगी.... आपने स्वामी विवेकानंद जी को स्मरण किया... धन्यवाद....स्वामी जी को भाव-भीनी श्रद्धंजलि....

Surendra shukla" Bhramar"5 said...

चैतन्य बाबु बहुत सुन्दर प्रेरणा दी आप ने स्वामी जी की याद करा के शुभ काम किये

आओ हम सभी से दृढ निश्चयी और कर्मशील .
बनें और उनके सपने को साकार करें

-प्रभु न जाने क्यों इतने चरित्रवान को शीघ्र बुला ले जाता है ..
शुक्ल भ्रमर ५

दिवस said...

चैतन्य आज तुमने ये पोस्ट देकर कुछ ज्यादा ही खुश कर दिया...

"हमारी नैतिक प्रकृति जितनी उन्नत होती है, उतना ही उच्च हमारा प्रत्यक्ष अनुभव होता है, और उतनी ही हमारी इच्छा शक्ति अधिक बलवती होती है।"

बहुत गहरे शब्द हैं ये...

राष्ट्र गौरव स्वामी विवेकानंद को श्रद्धांजलि एवं कोटिश: नमन|

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

स्वामी विवेकानंद जी को विनम्र श्रद्दांजलि ..

सार्थक पोस्ट के लिए बधाई

Sawai Singh Rajpurohit said...

बहुत बढ़िया चैतन्य!

G.N.SHAW said...

मेरा भी हार्दिक नमन !

abhi said...

तुमसे सबको सबक लेना चाहिए..
कम से कम तुमने याद तो किया..

रेखा said...

मेरी ओर से भी शत शत नमन .

Gopal Mishra said...

स्वामी जी हम युवाओं के लिए हमेशा प्रेरणा के स्रोत रहेंगे.

Chaitanyaa Sharma said...

आप सभी का मेरे ब्लॉग पर आने का आभार ...स्वामीजी को नमन

Hindikunj said...

bahut acche vichar !
हिन्दीकुंज,हिंदी वेबसाइट/लिटरेरी वेब पत्रिका

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