चैतन्य शर्मा

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मैं चैतन्य एक बहुत अच्छा बच्चा हूँ | मैं 12 साल का हूँ | मुझे ड्राइंग-कलरिंग करना बहुत पसंद है | मैं क्लास VIII में पढ़ता हूँ और माँ को कभी परेशान नहीं करता | मुझे डांस करना बेहद पसंद है | स्कूल में मुझे सब बहुत पसंद करते हैं | यह ब्लॉग 10 साल पहले मेरी माँ डॉ. मोनिका शर्मा ने बनाया था । अब मैं खुद अपने पोस्ट ब्लॉग पर शेयर करता हूँ । इस ब्लॉग पर मैं अपनी सारी बातें शेयर करूंगा |

Sunday, July 22, 2012

लकड़ी के खिलौने

वैसे तो लकड़ी के खिलौने आजकल कम ही मिलते हैं । पर हाल ही में मुझे कुछ वुडन टॉयज़  मिले । ये सब बैटरी से चलने वाले खिलौनों की तरह नहीं हैं । न अपने आप से चलते हैं और न ही शोर करते हैं । लकड़ी के इन खिलौनों से खेलने का भी अलग ही मज़ा है । लकड़ी के ये पार्ट्स बाज़ार में मिले । इन सारे पार्ट्स को जोड़कर मैंने घर पर ही ये खिलौने बनाये हैं । 

एरोप्लेन 





रेस कार 

21 comments:

Vandana Ramasingh said...

wow beautiful toys !!!

amit kumar srivastava said...

प्यारा चैतन्य , प्यारे से उसके खिलौने |

प्रवीण पाण्डेय said...

वाह, बहुत ही अच्छे। बंगलोर के पास चेन्नापट्टना में लकड़ी के खिलौने अच्छे मिलते हैं...कभी आईये तो दिलवायेंगे।

Coral said...

bahut sundar .

ऋता शेखर 'मधु' said...

वाह !! बहुत सुंदर बनाया है...लकड़ी के खिलौने मुझे भी बहुत अच्छे लगते हैं...लकड़ी की गाड़ी...गुड्डा -गुड़ियाः)

Maheshwari kaneri said...

वाह: खिलौने तो बहुत प्यारे हैं..शुभकामनाएं..

अशोक सलूजा said...

खुद बनाई..अपने सपनों कि दुनियां ...
मुबारक हो !
आशीर्वाद!

Anonymous said...

शोना बाबू!
हमारी इंदौर वाली जत्रा
में मिलते हैं ऐसे खिलौने!!!
आप जैसे प्यारे प्यारे ढेरों बच्चे हैं जो बैटरी के खिलौनों से खेलते हैं
मगर सच कहूं! इन खिलौनों के बिक जाने से गाँव में लोगो को रोज़गार मिल जाता है
और उनके बच्चों को रोटी.
खिलौने प्यारे हैं, बिलकुल आपकी तरह!

दिगम्बर नासवा said...

क्या बात है ... तुम तो जुगाडू भी हो भाई ... लकड़ी के खिलोने बनाना सीख गए ...

सदा said...

वाह ... बहुत ही अच्‍छे खिलौने ... शुभकामनाएं

प्रतुल वशिष्ठ said...

मुझे भी चाहिए ये खिलौने... बताओ ना कहाँ मिलेंगे?

Shikha Kaushik said...

बहुत सुन्दर .बधाई

Smart Indian said...

बहुत बढिया! थोड़ा बड़े होने पर तुम्हें स्कूल में खुद ये खिलौने बनाने का मौका मिलेगा, खूब मज़ा आयेगा। शुभ कामनायें!

यशवन्त माथुर (Yashwant Raj Bali Mathur) said...

Very Good dear!

यशवन्त माथुर (Yashwant Raj Bali Mathur) said...

कल 27/07/2012 को आपकी यह बेहतरीन पोस्ट http://nayi-purani-halchal.blogspot.in पर लिंक की जा रही हैं.आपके सुझावों का स्वागत है .
धन्यवाद!

Ayodhya Prasad said...

क्या बात है...बहुत सुन्दर खिलौने बनाए हैं |

S.M.HABIB (Sanjay Mishra 'Habib') said...

वाह! चैतन्य... बधाईयाँ...

Suman said...

बहुत सुन्दर खिलौने....

मेरा मन पंछी सा said...

बहुत बढ़िया खिलौने है लिटल ब्रदर
खूब खेलो , मस्ती करो...
पढ़ो-लिखो तरक्की करो...
:-)

रुनझुन said...

WOW चैतन्य, ये सारे ही खिलौने बहुत प्यारे हैं..:)..अब तो मेरा भी मन कर रहा है इन सबसे खेलने का..

abhi said...

चैतन्य, मैं भी खेल चूका हूँ लकड़ी के खिलौने से :)

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