चैतन्य शर्मा

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मैं चैतन्य- 14 साल का हूँ | मुझे कार्टून बनाना और कोडिंग करना बहुत पसंद है | मैं क्लास X में पढ़ता हूँ | यह ब्लॉग 12 साल पहले मेरी माँ डॉ. मोनिका शर्मा ने बनाया था । अब मैं खुद अपने पोस्ट मेरे इस ब्लॉग पर शेयर करता हूँ ।

Thursday, September 13, 2012

हमारी प्यारी भाषा हिंदी

हिंदी हमारी अपनी भाषा है । हमारी पहचान है । इसे बोलना-लिखना और इसके मान को बनाये रखना हम सबकी जिम्मेदारी  है ।
मैं भी हिंदी लिखना सीख रहा हूँ । यहाँ स्कूल में हिंदी नहीं पढ़ाते इसीलिए जब तक मैं भारत नहीं लौट आता माँ मुझे हिंदी लिखना -पढना और अच्छे से बोलना भी, घर पर ही सिखा रही हैं । अब तक मैं हिदीं के सभी अक्षर लिखना सीख गया हूँ । आजकल छोटे-छोटे बिना मात्रा  वाले शब्द भी लिख रहा हूँ । अब बारहखड़ी सीखने की तैयारी  है ।

हिंदी के अक्षर जो मैं लिख लेता हूँ ......

बिना मात्रा के शब्द लिखना सीख गया हूँ ....

मेरे लिखे कुछ शब्द 

14 comments:

Udan Tashtari said...

अरे वाह...लिखते तो बहुत सुन्दर हो...बधाई...हिन्दी दिवस की बधाई! मम्मी को भी दे ही देना... :)

Udan Tashtari said...

अरे वाह...लिखते तो बहुत सुन्दर हो...बधाई...हिन्दी दिवस की बधाई! मम्मी को भी दे ही देना... :)

प्रवीण पाण्डेय said...

आपको तो सौ में सौ अंक मिलने चाहिये।

Yashwant R. B. Mathur said...

बहुत ही बढ़िया
हिन्दी दिवस की शुभकामनाएँ!

vijai Rajbali Mathur said...

अच्छा तो लिखते हो तुम सबको भी हिन्दी दिवस की बधाई।

दिगम्बर नासवा said...

वाह ... बहुत सुन्दर लिखा है ...
बधाई हो ... हिंदी दिवस की ...

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक' said...

हिन्दीदिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ!
आपका इस प्रविष्टी की चर्चा कल शनिवार (15-09-2012) के चर्चा मंच पर भी होगी!
सूचनार्थ!

मेरा मन पंछी सा said...

सुन्दर अक्षर
हिंदी दिवस की शुभकामनाएँ...
:-) :-)

Noopur said...

Hindi diwas par bdhai...

and thanx for comming on my blog... :)

Maheshwari kaneri said...

वाह: बहुत सुन्दर.चैतन्य. हिन्दी दिवस की शुभकामनायें |

Shalini kaushik said...

sahi kaha praveen ji ne aapko to poore 100 me se 100 marks milne chahiyen.हिन्दी दिवस की शुभकामनायें .औलाद की कुर्बानियां न यूँ दी गयी होती

Sawai Singh Rajpurohit said...

बहुत ही बहुत सुन्दर.......
हिन्दी दिवस की शुभकामनाएँ!

Surendra shukla" Bhramar"5 said...

प्रिय चैतन्य जी मजा आ गया तो हम भी यादों में खो गए उस समय वचपन में मिटटी पर लिखना खड़िया चाक से लिखना सेंठा की कलम से ऐसे ही
मात्रा भी अब लगाओ तो .......पवन ....पावन बन जाए ..दम दाम बन जाए और तब तो मन मगन हो जाए
शुभ कामनाएं
भ्रमर ५

abhi said...

वाह चैतन्य!! :)

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